⚡ ब्रेकिंग News

बिहार में कानून का राज होगा और मजबूत अपराधों के त्वरित निपटारे के लिए बनेंगे 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट:-सम्राट चौधरी.





संपादक डॉ मदन मोहन मिश्र की रिपोर्ट।



ATH NEWS 11 GROUP :-बोधगयाजी पटना, 04 /7/ 2026 बिहार में न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए राज्य सरकार ने कई बड़े फैसलों की घोषणा की है। बोधगया के महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र में 'नए आपराधिक कानूनों के एकीकृत कार्यान्वयन' पर आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि राज्य में अपराध से जुड़े मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। ​मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि देश की लगभग 10 प्रतिशत आबादी यानी 14 करोड़ से अधिक लोगों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी बिहार की न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन पर है। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में सुशासन और कानून का राज और अधिक मजबूत होगा।

​पटना में हर दूसरे मंगलवार को लगेगा 'सहयोग शिविर'...

​जनता की शिकायतों के निवारण के लिए मुख्यमंत्री ने एक नई व्यवस्था की घोषणा की। अब प्रत्येक माह के दूसरे मंगलवार को राजधानी पटना में राज्य स्तरीय 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में उन लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा जिनके आवेदनों का निपटारा प्रखंड स्तर पर तो हो चुका है, लेकिन वे वहां के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं। ​प्रखंड स्तर पर चल रहे सहयोग कार्यक्रम की कड़ाई का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को प्रखंडों में आवेदन लिए जाते हैं और 30 दिनों के भीतर उनका निष्पादन अनिवार्य है। यदि कोई अधिकारी 30 दिनों में काम पूरा नहीं करता है, तो 31वें दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधे उसके निलंबन (सस्पेंशन) का आदेश जारी हो जाता है।

​एआई (AI) का उपयोग और डायल 112 का रिस्पॉन्स टाइम होगा कम मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (A.I.) के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण और त्वरित न्याय के लिए थानों को सीसीटीवी, डिजिटल और वैज्ञानिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है। राज्य में आपातकालीन सेवा (डायल 112) के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में पुलिस औसतन 10 मिनट में मौके पर पहुंच रही है, जिसे अब घटाकर 7 से 8 मिनट करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए स्कूल-कॉलेजों के आसपास विशेष सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। ​शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े कदम न्याय प्रणाली के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास और शिक्षा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इसी महीने बिहार में 211 नए डिग्री कॉलेज और 534 मॉडल स्कूल स्थापित करने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय में पढ़ाई शुरू होने और विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन पर तेजी से काम चल रहा है। ​इस ऐतिहासिक सम्मेलन में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन० कोटिश्वर सिंह, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची, पटना उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय सहित न्यायपालिका, प्रशासनिक और पुलिस सेवा के कई वरिष्ठ अधिकारी और कानून विशेषज्ञ शामिल हुए।

​मुख्य बिंदु :---

​100 फास्ट ट्रैक कोर्ट: -गंभीर और आपराधिक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए गठन।

​पटना में हर महीने के दूसरे मंगलवार को असंतुष्ट आवेदकों के लिए सुनवाई।

​कड़ी जवाबदेही प्रखंड स्तर पर 30 दिनों में काम न करने वाले अधिकारियों पर 31वें दिन निलंबन की कार्रवाई।

​डायल 112 घटना स्थल पर पहुंचने का समय 10 मिनट से घटाकर 7-8 मिनट करने का लक्ष्य।

​तकनीक पर जोर फॉरेंसिक जांच, डिजिटल साक्ष्य और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ेगा इस्तेमाल।


इस सम्मेलन को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन० कोटिश्वर सिंह, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची, पटना उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मीनाक्षी मदन राय, बिहार न्यायिक अकादमी के चेयरमैन जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, बिहार के एडवोकेट जनरल सत्यदर्शी संजय, बिपार्ड के महानिदेशक डॉ० बी० राजेन्दर एवं गृह सचिव कुंदन कुमार ने भी संबोधित किया।


कार्यक्रम के दौरान बिपार्ड के महानिदेशक डॉ० बी० राजेन्दर ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका स्वागत किया। सम्मेलन में शामिल डेलीगेट्स ने मुख्यमंत्री के साथ सामूहिक तस्वीर खिंचवाई।

सम्मलेन में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण, पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण, राज्य के विभिन्न जिलों के डिस्ट्रिक्ट जज, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, वरिष्ठ अधिवक्तागण, कानून विशेषज्ञ, मगध प्रमंडल की आयुक्त डॉ० सफीना ए०एन०, गयाजी के जिलाधिकारी  शशांक शुभंकर, वरीय पुलिस अधीक्षक गयाजी श्री सुशील कुमार सहित भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारीगण, बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (BIPARD) तथा बिहार न्यायिक अकादमी से जुड़े अधिकारीगण थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के विभिन्न हिस्सों से प्रमंडलीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक तथा अन्य वरीय पदाधिकारी जुड़े थे।

Post a Comment

Previous Post Next Post
BREAKING NEWS : Loading...

ताज़ा खबरें

राजनीति समाचार
राजनीति समाचार लोड हो रहे हैं...