संपादक डॉ मदन मोहन मिश्र की रिपोर्ट।
ATH न्यूज़ 11 GROUP:-गयाजी पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। गया के वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के निर्देश पर चलाई जा रही विशेष छापेमारी अभियान के तहत जिलास्तरीय टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल ₹50,000 के इनामी कुख्यात अपराधी टिंकू सिंह उर्फ टिंकू कुमार उर्फ चोखा उर्फ सत्यनारायण सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस लंबे समय से कई गंभीर मामलों में फरार चल रहे इस अपराधी की तलाश कर रही थी। परैया थाना क्षेत्र से हुई गिरफ्तारी
वरीय पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) वजीरगंज के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में मुफस्सिल थानाध्यक्ष और तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली कि कई कांडों में फरार चल रहा कुख्यात अपराधी टिंकू सिंह वर्तमान में परैया थाना क्षेत्र में छुपा हुआ है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके में छापेमारी की। पुलिस बल को देखकर आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद सशस्त्र बलों ने उसे दौड़ाकर दबोच लिया।
गिरफ्तार अपराधी का विवरण:- टिंकू सिंह उर्फ टिंकू कुमार उर्फ चोखा उर्फ सत्यनारायण सिंह
पिता का नाम:- ईश्वरी सिंह
पता:- कुम्हारटोली, थाना- मुफस्सिल, जिला- गया।
11 मई 2026 की फायरिंग की घटना में था शामिल
उल्लेखनीय है कि 11 मई 2026 को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के न्यू अबगीला पहाड़ तल्ली मदरसा के समीप कुछ अपराधियों द्वारा अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। पुलिस को देखते ही आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले थे। इस मामले में मुफस्सिल थाना में कांड संख्या-478/26 (धारा-109/61(2)/3(5) BNS एवं 27 आर्म्स एक्ट) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान इस घटना में टिंकू सिंह की संलिप्तता पाई गई थी। पुलिस इस मामले में पहले ही 5 आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
19 संगीन मामलों का है आपराधिक इतिहास
पकड़ा गया अपराधी टिंकू सिंह गया जिले का एक शातिर और पेशेवर अपराधी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2011 से लेकर अब तक मुफस्सिल और बुनियादगंज थानों में इसके खिलाफ 19 संगीन मामले दर्ज हैं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:-
हत्या और हत्या का प्रयास भारतीय दंड विधान (IPC) की धारा 302 हत्याऔर 307 जानलेवा हमला के तहत कई मामले दर्ज हैं।
रंगदारी और धमकी धारा 384, 385 और 387 के तहत कारोबारियों और स्थानीय लोगों से रंगदारी वसूलने के केस।
आर्म्स एक्ट हथियार अधिनियम विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और SC/ST एक्ट के तहत भी मामले दर्ज हैं।
गयाजी पुलिस ने बताया कि इस गिरोह के अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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