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बाल श्रम उन्मूलन को लेकर एक माह तक चलेगा विशेष अभियान-अरविन्द कुमार सिंह.





मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।




औरंगाबाद। आज दिनांक 11 सितंबर 2026 को बिहार राज्य बाल श्रम आयोग के उपाध्यक्ष  अरविंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला अतिथि गृह के सभागार में बाल श्रम उन्मूलन से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले को बाल श्रम से मुक्त कराने हेतु विभागवार कार्रवाई एवं कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।


बैठक को संबोधित करते हुए आयोग के उपाध्यक्ष  अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षणिक विकास को प्रभावित करता है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, स्वास्थ्य, संरक्षण एवं सुरक्षित बचपन का अधिकार है। अतः बाल श्रम के उन्मूलन हेतु सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को जिले में बाल श्रमिकों के चिह्नीकरण एवं विमोचन हेतु विशेष अभियान संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान विभिन्न स्थलों पर होल्डिंग एवं बैनर के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कर आमजनों को बाल श्रम के दुष्परिणामों एवं इससे संबंधित विधिक प्रावधानों के प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से श्रम कराए जाने की स्थिति में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए ऐसे बच्चों का विमोचन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विमोचित बाल श्रमिकों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी एवं पुनर्वास योजनाओं से आच्छादित किया जाएगा, ताकि उन्हें शिक्षा, संरक्षण एवं सामाजिक सुरक्षा का लाभ उपलब्ध कराया जा सके।


आयोग के उपाध्यक्ष ने बताया कि औरंगाबाद जिले की 33 पंचायतों को बाल श्रम मुक्त पंचायत के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए संबंधित पंचायतों में विशेष अभियान चलाते हुए बाल श्रम की स्थिति का सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित किए जाने की कार्रवाई पंचायत के मुखिया एवं सरपंच की सहमति के उपरांत की जाएगी। इस उद्देश्य से एक माह तक विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन का उद्देश्य केवल बच्चों को श्रम से मुक्त कराना नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य का निर्माण सुनिश्चित करना है। विमोचित बच्चों को शिक्षा से जोड़ने तथा आवश्यकतानुसार कौशल विकास एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना अभियान की प्राथमिकता होगी।


बैठक में सहायक श्रमायुक्त,  प्रियंका, श्रम अधीक्षक अंजू कुमारी, सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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