मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।
औरंगाबाद। आज दिनांक- 08.09.2026 को मुख्य सचिव बिहार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से *आठवीं एनकॉर्ड स्टेट लेवल मीटिंग* आयोजित की गई। बैठक में सभी जिलों के जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे। औरंगाबाद जिला से *जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा* एवं *पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा* ने बैठक में भाग लिया। बैठक में राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। बताया गया कि *NDPS Act के तहत वर्ष 2026 में ड्रग सीजर में पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 78 प्रतिशत की वृद्धि* हुई है। मुख्य सचिव द्वारा निर्देश दिया गया कि बिहार को *नार्कोटिक्स मुक्त राज्य* बनाने की दिशा में जब्त किए गए मादक पदार्थों का नियमानुसार *शीघ्र एवं निरंतर विनष्टीकरण* सुनिश्चित किया जाए, ताकि नारकोटिक्स के गोदामों में पर्याप्त जगह उपलब्ध रहे। इसके लिए प्रत्येक माह के *तीसरे सप्ताह में विनष्टीकरण की प्रक्रिया निर्धारित* करने तथा जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा नारकोटिक्स के गोदामों का संयुक्त निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। बैठक में *स्टेट नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा तैयार SOP* का सभी संबंधित पदाधिकारियों द्वारा अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव एवं इसकी रोकथाम को लेकर *प्रत्येक जिले में नियमित जागरूकता अभियान* चलाने के निर्देश दिए गए।
*मानस पोर्टल* पर प्राप्त शिकायतों/आवेदनों के त्वरित निष्पादन की भी समीक्षा की गई। औरंगाबाद जिले में प्राप्त *83 मामलों में से 80 मामलों पर कार्रवाई की जा चुकी है*, जबकि शेष 3 लंबित मामलों का भी शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में विशेष रूप से निर्देश दिया गया कि *शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री नहीं होने दी जाए।* इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया। इसके अतिरिक्त, मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे जागरूकता अभियान में *पंचायती राज संस्थाओं एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी* सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि ग्रामीण एवं स्थानीय स्तर तक व्यापक जागरूकता पहुंचाई जा सके। बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार के विरुद्ध *निरंतर कार्रवाई, प्रभावी निगरानी एवं जन-जागरूकता* के माध्यम से राज्य को नार्कोटिक्स मुक्त बनाने की दिशा में सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों के समन्वित प्रयास पर बल दिया गया।
उक्त बैठक में वरीय उप समाहर्ता श्रीमती श्वेता प्रियदर्शी, एक्साइज सुपरिंटेंडेंट, औषधि निरीक्षक एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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