*मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद*
औरंगाबाद।आज दिनांक-22 अगस्त 2026 को उर्दू निदेशालय, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग बिहार सरकार के योजनांतर्गत जिला उर्दू भाषा कोषांग समाहरणालय औरंगाबाद द्वारा परिसर स्थित नगर भवन (टाउन हॉल) में *उर्दू भाषा विद्यार्थी प्रोत्साहन राज्य योजना* के तहत वाद-विवाद (तक़रीरी) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन *जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.)* द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, अपर समाहर्ता विशेष सैदुल हसन खा, अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, जिला पंचायत राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, अन्य पदाधिकारी एवं गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में प्रभारी पदाधिकारी, जिला उर्दू भाषा कोषांग-सह-उप निर्वाचन पदाधिकारी, औरंगाबाद द्वारा उर्दू भाषा एवं विभागीय योजनाओं के संबंध में संक्षिप्त जानकारी दी गई। उन्होंने उर्दू भाषा की समृद्ध विरासत एवं इसके प्रचार-प्रसार के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर उर्दू भाषा की विशेषता एवं तहज़ीब को रेखांकित करते हुए उर्दू शायरी भी प्रस्तुत की गई—
*“फूल बन जाओ और खुशबू का सबक याद करो,*
*हुस्ने-गुफ्तार के जादू का सबक याद करो।*
*तुमको तहज़ीब सलीका से मोहब्बत है अगर,*
*फिर ज़रूरी है ये, उर्दू का सबक याद करो।”*
जिला पदाधिकारी ने उपस्थित उर्दू भाषी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि *उर्दू भाषा मुल्क की तहजीब, अदब और मोहब्बत की जुबान है।* उन्होंने विद्यार्थियों से उर्दू भाषा के अध्ययन को बढ़ावा देने तथा इसकी समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने उर्दू भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए पंचायत स्तर से जिला स्तर तक उर्दू में आवेदन करने, उर्दू दैनिक समाचार-पत्र एवं पत्रिकाओं का क्रय करने सहित अन्य माध्यमों से भाषा को प्रोत्साहित करने की अपील की।
इसके उपरांत *मैट्रिक, इंटर एवं स्नातक/समकक्ष स्तर* के छात्र-छात्राओं के लिए वाद-विवाद (तक़रीरी) प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता के मूल्यांकनकर्ता के रूप में *डॉ. मो. जहांगीर, असिस्टेंट प्रोफेसर, किशोरी सिन्हा महिला कॉलेज औरंगाबाद, डॉ. मो. हजीफा असिस्टेंट प्रोफेसर दाउदनगर कॉलेज तथा सैयद मो. इरफान आशिफ, असिस्टेंट प्रोफेसर, महिला कॉलेज, दाउदनगर* उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता में औरंगाबाद जिले के ख्यातिप्राप्त शायर *जनाब अयाज आलम सिद्दीकी (निजामत), दानिश मामून* सहित अन्य प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के प्रत्येक वर्ग से सफल प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए राशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
आज आयोजित प्रतियोगिता में *मैट्रिक वर्ग में मो. मिस्बाहुर रजा, पिता—मो. अजीजुल्लाह; इंटर वर्ग में मुबश्शिर सिद्दीकी, पिता—नूर अहमद सिद्दीकी; तथा स्नातक वर्ग में मो. जुलकरनैन, पिता—मो. आफताब आलम* ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन एवं सम्मान किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उर्दू भाषा के प्रति रुचि एवं प्रोत्साहन बढ़ाने के साथ-साथ उर्दू भाषा, साहित्य एवं तहजीब के संरक्षण और प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना रहा।

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