मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।
औरंगाबाद। आज दिनांक 11/07/2026 बिहार पब्लिक स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन, जिला इकाई, औरंगाबाद के जिलाध्यक्ष अजय पाण्डेय ने कहा है कि शिक्षा विभाग द्वारा निजी विद्यालयों को प्रतिदिन नए-नए ऑनलाइन कार्यों का निर्देश दिया जा रहा है। APAAR ID, आधार अपडेट, UDISE+, छात्र डेटा, विभिन्न पोर्टलों पर सूचना अपलोड सहित अनेक कार्य बिना किसी समुचित प्रशिक्षण, कार्यशाला अथवा स्पष्ट दिशा-निर्देश के कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पोर्टलों में लगातार बदलाव किए जाते हैं, लेकिन विद्यालयों को समय पर प्रशिक्षण या तकनीकी सहायता उपलब्ध नहीं कराई जाती। कई प्रखंडों में नियमित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी तक उपलब्ध नहीं हैं। जिससे विद्यालयों को अपनी समस्याओं का समाधान नहीं मिल पाता। ऐसे में निजी विद्यालयों पर केवल आदेश जारी करना उचित नहीं है।
संघ ने यह भी कहा कि शिक्षा का अधिकार (RTE) के अंतर्गत वर्षों से निजी विद्यालय आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, लेकिन प्रतिपूर्ति (Reimbursement) की राशि समय पर नहीं मिल रही है। यह स्थिति निजी विद्यालयों के लिए गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न कर रही है।
संघ ने मांग की है कि किसी भी नए ऑनलाइन कार्य से पूर्व सभी निजी विद्यालयों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया जाए, स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ। तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाए, रिक्त प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों के पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए तथा आरटीई की लंबित प्रतिपूर्ति राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
जिलाध्यक्ष अजय पाण्डेय ने कहा कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो निजी विद्यालय संघ पूरे जिले के विद्यालय संचालकों के साथ विचार-विमर्श कर लोकतांत्रिक एवं विधिसम्मत आंदोलन की रूपरेखा तय करेगा। आवश्यकता पड़ने पर विभागीय व्हाट्सएप समूहों से अलग होने तथा बिना प्रशिक्षण दिए जाने वाले अतिरिक्त ऑनलाइन कार्यों का सामूहिक बहिष्कार करने पर भी विचार किया जाएगा।

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