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​गयाजी में बिहार विधान सभा के सदस्यों के लिए दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का गरिमामयी आगाज़ उपराष्ट्रपति ने किया उद्घाटन।




संपादक डॉ मदन मोहन मिश्र की रिपोर्ट।




ATH NEWS 11 GROUP :-गयाजी बिहार विधान सभा सचिवालय लोकसभा सचिवालय की संस्था प्राइड' और बिपार्ड गयाजी के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को बिहार विधान सभा के माननीय सदस्यों के लिए दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन भारत के माननीय उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन द्वारा किया गया। ज्ञान और मोक्ष की पावन भूमि गयाजी के बिपार्ड परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों की विधायी क्षमता और कार्यकुशलता को और मजबूत करना है। ​चुनाव मतों से, लेकिन जनता का दिल सेवा से जीता जाता है,उपराष्ट्रपति ​उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने जनप्रतिनिधियों को संवेदनशीलता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा चुनाव जीतना लोकतंत्र की पहली सीढ़ी है, लेकिन जनता का स्थायी विश्वास केवल सेवा से ही हासिल किया जा सकता है। बिहार का विकास ऐसा होना चाहिए कि यहाँ के युवाओं को रोजगार के लिए पलायन न करना पड़े और बिहार खुद अवसरों का केंद्र बने।

​तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और संवैधानिक मूल्यों पर जोर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन ने बदलते दौर में प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से समाज और प्रशासन में तीव्र बदलाव आ रहे हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों को भी इन आधुनिक तकनीकों को समझना होगा। ​मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह संवैधानिक मूल्यों को समृद्ध करने का सराहनीय प्रयास है। उन्होंने विकसित भारत और समृद्ध बिहार के लिए सभी सदस्यों से अपने-अपने क्षेत्रों के विकास की वार्षिक व्यावहारिक रणनीति बनाने की अपील की। ​उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने संविधान के अनुच्छेद 104 और 193 में समयानुकूल संशोधन की आवश्यकता पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने गर्व से याद दिलाया कि देश के संविधान में प्रथम संशोधन को अंगीकार करने का ऐतिहासिक गौरव बिहार को ही प्राप्त है। ​प्राचीन लोकतांत्रिक मूल्यों की याद ​इससे पूर्व, बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार ने अपने स्वागत भाषण में गयाजी की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का जिक्र किया। उन्होंने वेद, पुराण और रामायण का संदर्भ देते हुए कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें अत्यंत प्राचीन हैं। उन्होंने उपराष्ट्रपति सहित सभी आगत अतिथियों को भगवान बुद्ध की प्रतिमा, स्मृति चिह्न और अंगवस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया।

​इस अवसर पर बिहार विधान परिषद् के सभापति अवधेश नारायण सिंह, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, उप मुख्य सचेतक मंजीत कुमार सिंह और विधायक अजय कुमार ने भी अपने विचार साझा किए। उद्घाटन सत्र के बाद अतिथियों ने परिसर में वृक्षारोपण किया और अंत में विधान सभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

​'नेवा' और संसदीय प्रक्रियाओं पर हुआ तकनीकी सत्र ​उद्घाटन के बाद, लोकसभा के 'प्राइड' संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इसमें माननीय सदस्यों को निम्नलिखित मुख्य विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया

​संसदीय प्रक्रिया, नियम, औपचारिकताएं और आचार संहिता। ​प्रश्नोत्तर काल, लोक महत्त्व की सूचनाएं और कार्यपालिका की जवाबदेही।

​आधुनिक तकनीक का संसदीय कार्यों में उपयोग तथा नेवा (National e-Vidhan Application - NeVA) का योगदान।

​इस संवादात्मक सत्र के दौरान विधायकों ने अपनी शंकाओं और व्यावहारिक समस्याओं पर विशेषज्ञों से सीधे सवाल पूछे, जिससे जनप्रतिनिधियों की विधायी कार्यक्षमता और लोकतांत्रिक समझ को नया विस्तार मिला।

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