ATH NEWS 11:-बिहार के सासाराम में बुधवार देर रात एक चिकित्सकीय घटना ने प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी। पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेष पराशर की पत्नी के इलाज के लिए पहुंचे एक डॉक्टर के व्यवहार पर संदेह जताए जाने के बाद मामला जांच तक पहुंच गया। आरोप है कि डॉक्टर इलाज के दौरान शराब के प्रभाव में थे।
पहाड़ी से लौटते समय पैर में कांटा चुभा !----
सूत्रों के अनुसार, आयुक्त की पत्नी मां मुंडेश्वरी धाम से लौट रही थीं। इसी दौरान पहाड़ी इलाके में उनके पैर में कांटा चुभ गया। इसके बाद प्राथमिक उपचार के लिए मेडिकल टीम को बुलाया गया।
घटनास्थल पर पहुंचे सदर अस्पताल के कार्यकारी उपाधीक्षक डॉ. असित रंजन ने कांटा निकालने की कोशिश की। इसी दौरान उनके व्यवहार और बातचीत को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ।
व्यवहार पर संदेह, प्रशासन को दी गई सूचना !---
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, डॉक्टर की स्थिति को लेकर आयुक्त की पत्नी को संदेह हुआ कि उन्होंने शराब का सेवन किया हो सकता है। इसकी जानकारी तुरंत जिला प्रशासन को दी गई।
सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी उदिता सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए।
जांच की भनक लगते ही डॉक्टर के जाने की चर्चा !---
जिलाधिकारी के निर्देश पर सिविल सर्जन कार्यालय में डॉक्टर को बुलाकर शराब सेवन की जांच कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर कुछ समय तक कार्यालय में मौजूद रहे।
इसी बीच उन्हें यह जानकारी मिलने की चर्चा है कि उनका सैंपल लेकर जांच की जा सकती है। इसके बाद वे किसी बहाने से बाहर निकले और अपनी कार से वहां से चले गए।
नगर थाना पुलिस द्वारा उनका पीछा किए जाने की भी बात सामने आई, हालांकि उन्हें रोका नहीं जा सका।
पहले भी विवादों में रहा है नाम !----
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, संबंधित चिकित्सक का नाम पहले भी विवादों में सामने आता रहा है। पूर्व में ड्यूटी के दौरान शराब सेवन के आरोप में पुलिस कार्रवाई और जुर्माना भरने की घटना की भी चर्चा रही है।
इसके अतिरिक्त उनके खिलाफ व्यवहार से जुड़े अन्य आरोप भी लगाए जाने की बातें विभागीय स्तर पर सामने आती रही हैं।
स्पष्टीकरण तलब, कार्रवाई के संकेत !---
सिविल सर्जन ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यकारी उपाधीक्षक डॉ. असित रंजन से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है।
उनके अनुसार, यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार आगे विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना प्रशासनिक और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े कई सवाल खड़े कर रही है, जबकि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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