महराजगंज-जिले के घुघली विकास खंड में मनरेगा के तहत कराए गए पक्के कार्यों के भुगतान को लेकर विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। भुगतान प्रक्रिया में कथित अनियमितता और पक्षपात के आरोपों के बीच ग्राम प्रधानों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है।
शुक्रवार को इस मुद्दे पर प्रस्तावित अहम बैठक में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के अनुपस्थित रहने और फोन तक न उठाने से स्थिति और भड़क गई। नाराज प्रधानों ने इसे प्रशासन की लापरवाही और संवेदनहीनता करार दिया।
प्रधानों का आरोप है कि वर्ष 2022-23 तक के कार्यों का भुगतान तय समय-सारणी के अनुसार होना चाहिए था, लेकिन अब तक नहीं किया गया। वहीं, कथित रूप से कमीशन के आधार पर 31 जनवरी, 28 जुलाई 2024 और 1 मार्च 2025 के कुछ कार्यों का भुगतान कर दिया गया, जबकि वर्ष 2023 के कई कार्य आज भी अधर में लटके हुए हैं।
प्रधान सुग्रीव चौधरी, अशोक जायसवाल, रामवृक्ष, सुरेश गुप्ता, श्याम बदन यादव, राजाराम गुप्ता एवं प्रतिनिधि सिद्धार्थ उर्फ सिद्धू सिंह ने संयुक्त रूप से आरोप लगाया कि भुगतान में देरी के कारण वे गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। निर्माण सामग्री आपूर्ति करने वाले लोग लगातार बकाया की मांग कर रहे हैं, जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
प्रधानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं लाई गई और लंबित धनराशि का भुगतान नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इस पूरे मामले ने विकास खंड में हड़कंप मचा दिया है और अब सभी की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
प्रभारी महराजगंज
कैलाश सिंह

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