मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद.
औरंगाबाद। आज दिनांक 22/08/2026 आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दिनांक 12 सितम्बर 2026 को किया जाना है। राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक मामलों के निस्तारण एवं आमजन को इसका लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार औरंगाबाद की सचिव तान्या पटेल द्वारा अपने प्रकोष्ठ में संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ दो महत्वपूर्ण समन्वय बैठकें आयोजित किया गया।
प्रथम बैठक में विकास कुमार, जिला खनिज विकास पदाधिकारी औरंगाबाद ने भाग लिया। बैठक में खनिज विभाग से संबंधित निस्तारण योग्य मामलों को चिन्हित करने का आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने तथा पात्र मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत कर सुलह एवं समझौते के आधार पर निस्तारित कराने के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
द्वितीय बैठक में अविनाश कुमार कश्यप, यातायात डीएसपी औरंगाबाद ने भाग लिया। बैठक में मुख्य रूप से यातायात चालान से संबंधित मामलों के निस्तारण एवं आमजन में जागरूकता उत्पन्न करने के संबंध में चर्चा की गई।
सचिव तान्या पटेल ने कहा कि यातायात चालान से संबंधित मामलों के पक्षकारों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निस्तारण की सुविधा के संबंध में व्यापक रूप से जागरूक किया जाना आवश्यक है। इसके लिए यातायात विभाग एवं संबंधित पदाधिकारियों के माध्यम से आम नागरिकों को यह जानकारी उपलब्ध कराई जाए कि विधि के अनुसार निस्तारण योग्य यातायात चालान से संबंधित मामलों का राष्ट्रीय लोक अदालत में सरल एवं त्वरित तरीके से समाधान कराया जा सकता है। बैठक में यह भी चर्चा की गई कि 12 सितम्बर 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में यातायात चालान से संबंधित मामलों के निस्तारण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व से सुनिश्चित की जाए ताकि पक्षकारों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। और मामलों का त्वरित एवं सुगम रूप से निष्पादन किया जा सके।
सचिव तान्या पटेल ने यातायात विभाग से अपील किया कि निस्तारण योग्य चालान से संबंधित मामलों की जानकारी संबंधित पक्षकारों तक पहुंचाने तथा उन्हें 12 सितम्बर 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने मामलों के निस्तारण का अवसर प्राप्त करने हेतु आवश्यक जागरूकता एवं सूचना प्रसारित की जाए।
इसी प्रकार खनिज विभाग से संबंधित मामलों के संबंध में भी सचिव ने निर्देशित किया कि निस्तारण योग्य मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर आवश्यक अभिलेखों के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रस्तुत किया जाए, ताकि अधिकाधिक मामलों का सुलह एवं समझौते के आधार पर निस्तारण किया जा सके।
सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत केवल मामलों के निस्तारण का मंच नहीं, बल्कि आम नागरिकों को उनके अधिकारों एवं उपलब्ध कानूनी उपायों के प्रति जागरूक करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। यातायात चालान एवं खनिज विभाग से संबंधित मामलों के अधिकाधिक निस्तारण से संबंधित पक्षकारों को त्वरित राहत प्राप्त होगी तथा न्यायिक प्रक्रिया को भी प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार औरंगाबाद द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे 12 सितम्बर 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिकाधिक लाभ उठाएं तथा विधि के अनुसार निस्तारण योग्य अपने यातायात चालान एवं अन्य मामलों के समाधान हेतु संबंधित विभाग अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करें।

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