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कांडी में छात्र छात्राओं का उग्र प्रदर्शन, सड़क जाम और तोड़फोड़ से क्षेत्र में तनाव.

 झारखंड गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।






 एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड मुख्यालय स्थित राजकीय कृत प्लस टू उच्च विद्यालय, कांडी में गुरुवार को छात्रों का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मलय कुमार सिंह के प्रतिनियोजन के विरोध में छात्रों ने विद्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और कांडी-भवनाथपुर मुख्य सड़क को जाम कर दिया।

जानकारी के अनुसार, प्रधानाध्यापक मलय कुमार सिंह का प्रतिनियोजन 12 अगस्त को डंडई प्रखंड के लवाही कला उच्च विद्यालय में किया गया था। इसके विरोध में विद्यालय के छात्र-छात्राएं सड़क पर उतर आए और हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।

प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब और बिगड़ गई, जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने एक मीडिया हाउस में तोड़फोड़ शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुर्सी, टेबल, पंखे और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया गया। आरोप है कि इसके बाद मीडिया हाउस में आग भी लगा दी गई। घटना के समय कांडी, हरिहरपुर और बरडीहा थाना की पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन स्थिति को नियंत्रित करने में काफी देर हो गई।


वहीं, प्रदर्शन के दौरान हुई पत्थरबाजी में कांडी थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों में मोहम्मद अशफाक आलम का नाम भी शामिल है।

प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख सतेन्द्र पांडेय के वाहन पर भी हमला किया, जिससे गाड़ी का शीशा टूट गया। इसके अलावा, मनरेगा के कनीय अभियंता देवकुमार सिंह के साथ मारपीट किए जाने और आधार कार्ड बनाने वाले कार्यालय में भी तोड़फोड़ किए जाने की सूचना है।

छात्रों के प्रदर्शन के कारण लगभग सात घंटे तक कांडी-भवनाथपुर मुख्य सड़क पूरी तरह जाम रही। सड़क जाम होने से वाहनों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अवर निरीक्षक ब्रिज कुमार, गढ़वा के एसडीपीओ दिलु लोहारा और प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश सहाय मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया गया।

बताया जा रहा है कि छात्रों के विरोध को देखते हुए प्रधानाध्यापक मलय कुमार सिंह की पुनः कांडी में पदस्थापना कर दी गई, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

हालांकि, इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था और विद्यालयों में बढ़ते राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्रों को भड़काकर प्रदर्शन कराया गया। उनका मानना है कि शिक्षा के केंद्र धीरे-धीरे राजनीति का अखाड़ा बनते जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कांडी में इस प्रकार की घटना पहली बार हुई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में नाराजगी का माहौल है और लोग दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है।

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