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धान रोपनी के लिए सिंचाई व्यवस्था को लेकर जिला पदाधिकारी ने की समीक्षा बैठक.

 



मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।




औरंगाबाद।आज दिनांक 30 जुलाई, 2026 को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला पदाधिकारी औरंगाबाद  अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में सिंचाई विभाग से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में धान रोपनी के मद्देनजर किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने तथा विभिन्न नहर प्रमंडलों के अंतर्गत नहरों में जलापूर्ति की अद्यतन स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने विभिन्न नहर प्रणालियों के माध्यम से सिंचाई हेतु पानी छोड़े जाने की प्रगति की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो तथा सभी क्षेत्रों में निर्धारित समय पर सिंचाई जल उपलब्ध कराया जाए।


बैठक में कार्यपालक अभियंता, सोन उच्च स्तरीय नहर प्रमंडल द्वारा बताया गया कि बैराज पर आवश्यक यांत्रिक (मैकेनिकल) पुर्जों के प्रतिस्थापन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जिसके उपरांत सिंचाई हेतु पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि मदनपुर प्रखंड की ओर नहर में जलापूर्ति प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही वर्तमान उपलब्ध जलराशि को देखते हुए रोटेशन (टर्न सिस्टम) के आधार पर चरणबद्ध तरीके से विभिन्न नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है, ताकि सभी क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके।


कृषि विभाग द्वारा समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि नवीनगर, अंबा, हसपुरा सहित अन्य प्रखंडों में धान रोपनी के लिए सिंचाई की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए समुचित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। इस पर नहर प्रमंडल के अधिकारियों ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर संबंधित क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध करा दिया जाएगा।


बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि झारखंड राज्य द्वारा बाणसागर डैम से प्रतिदिन लगभग 2700 क्यूसेक पानी छोड़े जाने का प्रावधान है, जबकि वर्तमान में लगभग 2100 क्यूसेक जल का ही डिस्चार्ज किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त बिहार की सीमा तक पहुँचते-पहुँचते जल की मात्रा घटकर लगभग 1200 क्यूसेक रह जाती है।

 इसी कारण वर्तमान परिस्थिति में उपलब्ध जलराशि के अनुरूप रोटेशन प्रणाली के माध्यम से विभिन्न नहरों में सिंचाई जल उपलब्ध कराया जा रहा है।


जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं तथा सिंचाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि नहरों में जलापूर्ति की नियमित निगरानी करें तथा किसी भी तकनीकी अथवा प्रशासनिक समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें, ताकि धान रोपनी का कार्य प्रभावित न हो।बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, सिंचाई विभाग के सभी संबंधित कार्यपालक अभियंता एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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