⚡ ब्रेकिंग News

महान विभूतियों के सम्मान में बने गेट की गुणवत्ता पर उठे सवाल, हल्की आंधी में धराशायी स्मृति द्वार.




संजय कुमार चौरसिया ब्यूरो रिपोर्ट बस्ती.


कलवारी, बस्ती। क्षेत्र की महान विभूतियों को सम्मानित करने और उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाने के उद्देश्य से विधायक दूधराम द्वारा कराई जा रही महत्वाकांक्षी स्मृति द्वार (गेट) निर्माण योजना पर अब सवाल उठने लगे हैं। राम-जानकी मार्ग पर गंगऊपुर स्थित पेट्रोल पंप के निकट हाल ही में निर्मित बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया स्मृति गेट सोमवार को हल्की आंधी और बारिश के दौरान भरभराकर गिर गया, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।


स्थानीय लोगों के अनुसार यह गेट लगभग दो माह पूर्व ही तैयार हुआ था। लाखों रुपये की लागत से निर्मित इस स्मृति द्वार का मामूली आंधी-बारिश में धराशायी हो जाना निर्माण में मानकों की अनदेखी और संभावित अनियमितताओं की ओर संकेत कर रहा है। घटना के बाद क्षेत्र में गेट निर्माण की गुणवत्ता को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।


ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप किया गया होता तो इतनी कम अवधि में गेट के गिरने की नौबत नहीं आती। लोगों ने आशंका जताई कि निर्माण सामग्री की गुणवत्ता तथा कार्यदायी संस्था की कार्यशैली की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।


यह स्मृति द्वार प्रदेश के सम्मानित व्यक्तित्व बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया की स्मृति में स्थापित किया गया था। ऐसे में इसके गिरने से न केवल सरकारी धन के उपयोग पर सवाल खड़े हुए हैं, बल्कि उस सम्मान की भावना को भी ठेस पहुंची है जिसके उद्देश्य से यह निर्माण कराया गया था।


स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी ठेकेदारों एवं संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक धन से बनने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।


फिलहाल गेट के गिरने की घटना क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है और लोग प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदारों पर कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।

Post a Comment

أحدث أقدم
BREAKING NEWS : Loading...

ताज़ा खबरें

राजनीति समाचार
राजनीति समाचार लोड हो रहे हैं...