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विकसित भारत के लिए सभी धर्मों का एकजुट होना अनिवार्य :-राज्यपाल.



संपादक डॉ मदन मोहन मिश्र की रिपोर्ट।



ATH NEWS 11 GROUP :-​बोधगयाजी 8 /5/2026 को मगध विश्वविद्यालय के रामानुजन सभागार में शुक्रवार को 'भारतीय लोकतंत्र में सर्वधर्म समभाव की भूमिका एवं चुनौतियां विषय पर एक भव्य राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मगध विश्वविद्यालय और धर्म संस्कृति संगम, गयाजी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार के राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

​राष्ट्रीय सुरक्षा का व्यापक दृष्टिकोण--

सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल महोदय ने राष्ट्रीय सुरक्षा की नई परिभाषा दी। उन्होंने कहा, देश की सुरक्षा केवल सीमाओं पर सैनिकों की तैनाती तक सीमित नहीं है। यह तब पूरी होती है जब हम आंतरिक, मानसिक और सामाजिक स्तर पर सुरक्षित हों। जब देश का हर नागरिक, चाहे वह किसी भी धर्म का हो, 'भारत माता की जय' के उद्घोष के साथ विकसित भारत के निर्माण के लिए एकजुट होता है, तभी राष्ट्र की सुरक्षा वास्तव में सुदृढ़ होती है। उन्होंने नालंदा-गया-बोधगयाजी कॉरिडोर को भारतीय विरासत का अनन्य प्रतीक बताया।

​विविधता ही भारत की शक्ति---

मुख्य वक्ता और आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि सहिष्णुता और आध्यात्मिक चेतना भारत की असली पहचान है। उन्होंने विश्वास जताया कि गया और बोधगया से निकलने वाली ज्ञान की धारा पूरे विश्व को शांति का मार्ग दिखाएगी। वहीं, लखनऊ के महंत स्वामी विवेकानंद गिरी ने राज्यपाल से मगध विश्वविद्यालय में 'बोधगया पीठ' स्थापित करने का प्रस्ताव रखा ताकि इस क्षेत्र की विरासत पर शोध हो सके। ​बौद्ध संदेश और विश्वविद्यालय की प्रगति विशिष्ट वक्ता लाओस मंदिर के बौद्ध भिक्षु साई शाना ने बुद्ध के करुणा और शांति के संदेश को वर्तमान समय की जरूरत बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही ने अतिथियों का स्वागत किया और पिछले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय द्वारा शैक्षणिक व प्रशासनिक क्षेत्र में की गई प्रगति का विवरण पेश किया। ​कार्यक्रम का समापन कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम् के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षु, हिंदू संत, शिक्षक और छात्र उपस्थित थे, जिन्होंने सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का परिचय दिया संगोष्ठी-सह-सांस्कृतिक समरसता कार्यक्रम। रामानुजन सभागार (गणित विभाग), मगध विश्वविद्यालय। राज्यपाल सैयद अता हसनैन, डॉ. इंद्रेश कुमार, कुलपति प्रो. एस.पी. शाही।

सर्वधर्म समभाव और राष्ट्रीय अखंडता।

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