मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।
औरंगाबाद।19/04/2026 भाजपा के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम एवं परिसीमन संशोधन विधेयक जैसे महत्वपूर्ण संविधान संशोधन को पारित नहीं होने देने पर भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। पूर्व सांसद ने कहा कि महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले बिल का विरोध करना ही नहीं, बल्कि सदन में उसका मजाक उड़ाना और सदन में जश्न मनाना और यह केवल राजनीति नहीं नारी शक्ति वंदन का घोर अपमान है। संसद के विषेश सत्र के दौरान एनडीए सरकार द्वारा लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन बिल महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने के लिए लाया गया था ।यह विधेयक सिर्फ एक बिल नहीं था। बल्कि नारी शक्ति को अधिकार देने का अवसर था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अंतरात्मा की आवाज सुनने की अपील भी किया था। लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व वाली इंडी गठबंधन ने नारी शक्ति, महिला सशक्तिकरण और नारी सम्मान को विरोध कर विपक्ष में वोट देकर बिल को पारित नहीं होने दिया। एनडीए सरकार ने नारी सम्मान और महिला सशक्तिकरण की लडा़ई आगे भी जारी रखेगा।

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