संपादक डॉ मदन मोहन मिश्र की रिपोर्ट।
ATH NEWS 11 GROUP -गयाजी 9/3/2026 गया के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को वैश्विक पटल पर नई पहचान देने के लिए विष्णुपद कॉरिडोर के विकास की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। सोमवार को जनपद पदाधिकारी शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में कॉरिडोर के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंदिर के गर्भगृह की 16 वेदियों को यथावत रखा जाएगा। साथ ही, शिजुआर धर्मशाला और आसपास के ऐतिहासिक भवनों को 'हेरिटेज स्ट्रक्चर' के रूप में संरक्षित किया जाएगा। पिंडदान की सदियों पुरानी परंपरा फल्गु नदी के तट पर ही जारी रहेगी। यात्रियों के लिए शेड, स्वच्छ पेयजल सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी ) और आधुनिक पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी।
पूरे परिसर को सीसीटीवी निगरानी अग्निशमन केंद्र और उन्नत कैस्केड लाइटिंग सिस्टम से लैस किया जाएगा। नदी के जल को साफ रखने के लिए एरेटर लगाए जाएंगे और नदी के मध्य में भगवान विष्णुपद की एक भव्य प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव है। सीताकुंड, मंगलागौरी और अक्षयवट को भी इस भव्य कॉरिडोर परियोजना का हिस्सा बनाया गया है। प्रशासन का लक्ष्य गया की पौराणिक पवित्रता को अक्षुण्ण रखते हुए इसे एक विश्वस्तरीय तीर्थ क्षेत्र के रूप में विकसित करना है।

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