संपादक डॉ मदन मोहन मिश्र की रिपोर्ट।
ATH NEWS 11 GROUP:-गयाजी माँ निर्दोष सेवा केंद्र एवं गया कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय 'राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति सह सम्मान समारोह' और राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, प्राचार्य डॉ. सतीश सिंह चंद्र, मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार मंगलम सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सभी ने दिनकर जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्य अतिथि डॉ. प्रेम कुमार ने अपने अभिभाषण में कहा कि राष्ट्रकवि दिनकर राष्ट्र चेतना के प्रखर स्वर थे, जिनकी रचनाओं में सामाजिक न्याय, समानता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संदेश निहित है। उन्होंने कहा कि साहित्य मनोरंजन नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार है। कार्यक्रम के दौरान आयोजक हिमांशु शेखर और अध्यक्षता कर रहे राय मदन किशोर ने मुंगेर विश्वविद्यालय का नामकरण राष्ट्रकवि दिनकर के नाम पर करने की मांग उठाई। टिकारी विधायक अजय दांगी ने दिनकर के साहित्य को समाज का पथप्रदर्शक बताया।
संगोष्ठी के द्वितीय सत्र की अध्यक्षता पूर्व कुलपति प्रो. कुसुम कुमारी ने की और मुख्य अतिथि के रूप में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रो. सुरेश चंद्र उपस्थित रहे। प्रो. चंद्र ने शैक्षणिक संस्थानों में हिंदी के गलत प्रयोग पर चिंता जताई। इस सत्र में 13 शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र पढ़े। साथ ही इतिहास के क्षेत्र में बैजू चौधरी और संगीत में सौम्या अथर्व सहित पांच प्रतिभाओं को 'राष्ट्रकवि दिनकर सम्मान' से नवाजा गया। कार्यक्रम में गया कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. राम उदय कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में प्राध्यापक, शोधार्थी और गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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