संपादक डॉ मदन मोहन मिश्र की रिपोर्ट।
ATH NEWS 11 GROUP :-गयाजी 26/3/2026 जिले की गर्भवती महिलाओं में खून की कमी जैसी गंभीर समस्या को जड़ से मिटाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक नई पहल शुरू की है। गुरुवार को जेपीएन अस्पताल परिसर स्थित प्रभावती अस्पताल में फेरिक कार्बोसीमाल्टोज (FCM) इंजेक्शन थेरेपी अभियान का विधिवत आगाज़ किया गया। इस राज्यव्यापी अभियान का शुभारंभ बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया।20 बेड का विशेष वार्ड और थेरेपी की शुरुआत अभियान के पहले दिन सिविल सर्जन डॉ. राजराम प्रसाद की देखरेख में 20 एनीमिया ग्रसित गर्भवती महिलाओं को एफसीएम थेरेपी दी गई। सिविल सर्जन ने बताया कि जिला अस्पताल और प्रथम रेफरल इकाइयों (FRU) में इस थेरेपी के लिए 20 बेड की विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा यह थेरेपी उन महिलाओं के लिए जीवनरक्षक साबित होगी जो खून की कमी के कारण प्रसव के दौरान जोखिम में रहती हैं। क्या है FCM थेरेपी और क्यों है जरूरी डीपीएम नीलेश कुमार ने तकनीकी जानकारी साझा करते हुए बताया कि जब आयरन की गोलियों के सेवन के बावजूद हीमोग्लोबिन का स्तर नहीं सुधरता, तब चिकित्सीय देखरेख में यह इंजेक्शन दिया जाता है।
यह एक सुरक्षित और प्रभावी मेडिकल प्रक्रिया है।
समय: इसे गर्भावस्था के 34 सप्ताह से अधिक होने पर चिकित्सीय परामर्श के बाद दिया जाता है।

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