महराजगंज-श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार एक आरोपी पुलिस हिरासत से फरार हो गया। न्यायालय में पेशी के बाद उसे जेल भेजने की तैयारी चल रही थी, तभी अचानक भीड़ और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर आरोपी पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भाग निकला। घटना के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई और जिलेभर में उसकी तलाश तेज कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार कुंदुर, कप्तानगंज (जनपद कुशीनगर) निवासी 22 वर्षीय किशन साहनी पुत्र रामहरि पर बीते दिसंबर माह में एक किशोरी को भगाने का आरोप लगा था। पीड़िता की मां की तहरीर पर 3 दिसंबर को उसके विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। शनिवार को पुलिस ने आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर कस्टडी में लिया और न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजने की प्रक्रिया में थी। इसी दौरान मौका पाकर वह फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई टीमों का गठन किया। स्थानीय पुलिस के साथ एसओजी को भी सक्रिय कर दिया गया है। जिले की सीमाओं पर नाकेबंदी कर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और नेपाल सीमा की ओर जाने वाले मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
वहीं, इस मामले में पुलिस की लापरवाही भी उजागर हुई है। उपनिरीक्षक विवेक कुमार सिंह की तहरीर पर हेड कांस्टेबल उदयभान कुशवाहा और होमगार्ड नंदकिशोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार आरोपी के विरुद्ध भी अलग से मामला पंजीकृत कर लिया गया है।
इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और हिरासत प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संवेदनशील मामलों में आरोपियों की निगरानी में ढिलाई न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि पीड़ित पक्ष के भरोसे को भी झटका देती है। फिलहाल पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन इस चूक ने खाकी की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न जरूर लगा दिया है।
प्रभारी महराजगंज
कैलाश सिंह

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