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चन्दौती बाजार समिति में दो दिवसीय किसान मेला-सह-जैविक प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ, जिला परिषद अध्यक्ष ने किया किसान मेले का उद्घाटन।


चन्दौती बाजार समिति में दो दिवसीय किसान मेला-सह-जैविक प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ, जिला परिषद अध्यक्ष ने किया किसान मेले का उद्घाटन।



संपादक डॉ मदन मोहन मिश्रा की रिपोर्ट।






ATHNEWS 11GROUP-आज दिनांक 18/2/2026 को कृषि विभाग गया द्वारा परम्परागत कृषि विकास योजना( PKVY)     अन्तर्गत बाजार समिति परिसर चन्दौती में दो दिवसीय किसान मेला-सह- जैविक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। श्रीमती नैना देवी, जिला परिषद अध्यक्ष ने इस किसान मेला-सह-जैविक प्रदर्शनी का उद्घाटन दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर उनके साथ सुबोध कुमार दास, उप निदेशक रसायन कम्पोस्ट एवं बायोगैस, बिहार, पटना, संजीव कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, गया, उदय पंडित, अनुमण्डल कृषि पदाधिकारी, टिकारी,बिजेश कुमार, जिला कृषि विपणन पदाधिकारी, गया, राजीव रंजन यादव, सहायक निदेशक (रसायन) मिट्टी जांच, गया,नीरज कुमार वर्मा, उप परियोजना निदेशक, आत्मा, गया, मो॰ सरवर खाँ, सहायक निदेशक, सांख्यिीकी, गया, सुश्री आकृति, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, जैविक, श्रीमती निधि सिंह, प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी, बीज विश्लेषण उपस्थित थे। 

जिला कृषि पदाधिकारी, गया ने कहा कि गया जिला में परम्परागत कृषि विकास योजना के माध्यम से पांच प्रखण्डों बोधगया, बांकेबाजार, फतेहपुर, टनकुप्पा एवं टिकारी के 25 कलस्टर में 500 हेक्टेयर में जैविक खेती करायी जा रही है। यह योजना सेवा प्रदाता व्यक्ति विकास केन्द्र इण्डिया एवं सत्येन्द्र आर्गेनिक फार्मिंग की देखरेख में संचालित की जा रही है। पांचों प्रखण्डों के किसानों के द्वारा उत्पादित जैविक उत्पाद चावल, गेहूँ, दाल, मोटे अनाज एवं सब्जियों की प्रदर्शनी लगायी गई है इसके साथ ही प्राण संस्था के माध्यम से प्राकृतिक खेती की विभिन्न घटकों को प्रदर्शित करने के साथ ही प्राकृतिक उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है एवं उसकी बिक्री की जा रही है। नंदनी बायोफर्टिलाईजर बोधगया के द्वारा सवंर्द्धित वर्मीकम्पोस्ट के साथ ही विभिन्न देशी एवं विदेशी पौधों की बिक्री की जा रही है। गन्ना विभाग द्वारा जैविक गुड़ की प्रदर्शनी लगायी गई है। आज लाये गये किसानों के जैविक उत्पाद प्रदर्शनी में आये लोगों ने हाथो हाथ खरीद लिया। जिला परिषद अध्यक्ष ने मेला में उपस्थित महिला एवं पुरुष किसानों को संबोधित करते हुये कहा कि जैविक खेती अब कोई विकल्प नहीं अपितु आने वाले भविष्य के लिये आवश्यक हो गई है। रसायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से जहाँ मिट्टी की उर्वरता घट रही है, वहीं मानव स्वास्थ्य पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में जैविक खेती हमारे खेतों की उर्वरता बनाये रखने, पर्यावरण संरक्षण तथा सुरक्षित और पौष्टिक खाद्यान्न उत्पादन का एक सशक्त माध्यम है। उन्होने कहा कि किसान मेला-सह-जैविक प्रदर्शनी से किसान जैविक खेती की नई तकनीकें, जैविक खाद, वर्मीकम्पोस्ट, प्राकृतिक कीटनाशक, बीज संरक्षण, बाजार उपलब्धता जैसी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त करेंगे। 

किसानों में मानपुर के जीवेश यादव, श्रीमती राधा देवी, टनकुप्पा के देवेन्द्र प्रसाद एवं टिकारी के ललन कुमार ने जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती के अपने अनुभव साझा किया। किसान मेला-सह-जैविक प्रदर्शनी में 600 से अधिक पुरुष एवं महिला किसान भाग ले रहे है।

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