लड़की को फ्लाइंग किस देने पर , कोर्ट ने दी 3 साल की सजा.
ATH NEWS 11
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यह पूरा वाकया आज से लगभग नौ साल पहले, 31 जनवरी 2017 का है। उस समय पीड़िता की उम्र महज 16 वर्ष थी, जबकि आरोपी 19 साल का एक युवक था। उनके मोहल्ले में 'हल्दी-कुमकुम' का एक धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान आरोपी ने भीड़भाड़ के बीच उस नाबालिग लड़की की तरफ फ्लाइंग किस का अश्लील इशारा किया। इस आपत्तिजनक हरकत को पड़ोस की ही एक सतर्क महिला ने देख लिया। उस महिला ने बिना देर किए तुरंत लड़की की मां को इस बात की पूरी जानकारी दे दी। जब परिवार ने लड़की को भरोसे में लेकर प्यार से पूछताछ की, तो उसने अपने साथ हुई आपबीती और एक अन्य शर्मनाक सच का भी खुलासा किया।
पीड़िता ने अपने माता-पिता को रोते हुए बताया कि आरोपी काफी समय से उसका पीछा कर रहा था। हल्दी-कुमकुम की घटना से कुछ दिनों पहले, जब वह अपनी ट्यूशन क्लास के लिए जा रही थी, तब आरोपी ने सुनसान रास्ते पर पीछे से आकर अचानक उसका हाथ पकड़ लिया था। उसने लड़की को अपनी ओर खींचने की जबरन कोशिश भी की थी। लड़की उस वक्त बहुत ज्यादा घबरा गई थी और समाज के डर के कारण उसने यह बात अपने घर पर माता-पिता को नहीं बताई थी।
सच्चाई सामने आने के बाद लड़की के पिता ने गुस्से में आने के बजाय शांति से काम लिया। फरवरी 2017 में उन्होंने आरोपी और उसकी मां को अपने घर बुलाया और उन्हें चेतावनी देते हुए समझाया कि वे उनकी बेटी से दूर रहें। लेकिन आरोपी का परिवार अपनी गलती मानने और माफी मांगने के बजाय लड़की के परिवार से ही उलझ गया और गाली-गलौज करने लगा। जब बातचीत से कोई हल नहीं निकला और आरोपी पक्ष का रवैया आक्रामक रहा, तो पीड़िता के परिवार ने तंग आकर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज करवा दी।
लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद मामला विशेष अदालत में पहुंचा। सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने दलील दी कि लड़का तो बस कार्यक्रम में डांस कर रहा था और उसी डांस के दौरान गलती से हाथ का ऐसा इशारा हो गया। इसके अलावा, झूठी दुश्मनी की बात भी गढ़ी गई। लेकिन स्पेशल कोर्ट के जज ने बचाव पक्ष की सभी दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने साफ किया कि फ्लाइंग किस देना कोई डांस का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह एक 'यौन कृत्य' है जो सीधे तौर पर एक महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। कोर्ट ने कहा कि कोई भी माता-पिता अपनी बेटी की इज्जत को झूठे केस के लिए दांव पर नहीं लगाएंगे। सुबूतों के आधार पर अदालत ने पीछा करने और यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी को 3 साल की कठोर जेल और 3000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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