संपादक डॉ मदन मोहन मिश्र की रिपोर्ट।
ATH NEWS 11 GROUP :-शेरघाटी बिहार बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करने और बच्चों के अधिकारों की पुख्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में शेरघाटी में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बुधवार को महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार और कवच परियोजना (Centre DIRECT) के संयुक्त तत्वावधान में शेरघाटी प्रखंड सभागार में अनुमंडल स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शेरघाटी अनुमंडल के सभी प्रखंडों की महिला पर्यवेक्षिकाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
प्रमुख अतिथि एवं उपस्थिति----
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड विकास पदाधिकारी, शेरघाटी, महिला एवं बाल विकास निगम की जिला परियोजना प्रबंधक (DPM) जयवंती सिन्हा तथा जिला मिशन समन्वयक सुशांत आनंद की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु
बाल संरक्षण व अधिकार: सत्र के दौरान बच्चों के कानूनी अधिकारों और उनकी सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा की गई।
पहचान एवं रोकथाम:- जोखिमग्रस्त बच्चों की समय रहते पहचान करने और बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों के बारे में बताया गया।
अहम जिम्मेदारी:- बाल विवाह रोकने में आंगनवाड़ी सेविकाओं और महिला पर्यवेक्षिकाओं की भूमिका को रेखांकित किया गया।
शपथ ग्रहण: जिला परियोजना प्रबंधक द्वारा सभी प्रतिभागियों को अपने क्षेत्रों में बाल विवाह की रोकथाम के लिए सक्रिय भूमिका निभाने और संकल्प लेने की शपथ दिलाई गई।
जागरूकता रथ हुआ रवाना---=
अभियान को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी और जिला परियोजना प्रबंधक ने संयुक्त रूप से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ शेरघाटी अनुमंडल की सभी पंचायतों का भ्रमण कर ग्रामीणों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों, इसके दुष्परिणामों और 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत बेटियों की शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करेगा।
अभियान का मूल मंत्र:----
बाल विवाह मुक्त पंचायत, सुरक्षित बचपन और शिक्षित बेटी ही सशक्त समाज की पहचान है।
यह संयुक्त प्रयास ग्रामीण अंचल में सामाजिक चेतना जगाने और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा।

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