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गजना महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने पर जोर.





मिथिलेश कुमार पाण्डेय व्यूरो चीफ औरंगाबाद।



औरंगाबाद।आज दिनांक 02 नवंबर 2026 को कला, संस्कृति विभाग बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में नवीनगर प्रखंड स्थित गजना मंदिर प्रांगण में दो दिवसीय गजना महोत्सव–2026 का भव्य आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के साथ किया गया। तत्पश्चात  विधान पार्षद दिलीप कुमार सिंह, विधायक कुटुंबा ललन राम, जिला पदाधिकारी  अभिलाषा शर्मा, पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया गया।


इस अवसर पर जिला पदाधिकारी द्वारा विधान पार्षद एवं विधायक को पौधा, शॉल एवं गजना मंदिर का प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही जिला स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा माननीय पूर्व विधायक नवीनगर विजय कुमार सिंह उर्फ डब्लू सिंह सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों को भी पौधा, शॉल एवं गजना मंदिर का प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया गया। महोत्सव के दौरान सारेगामापा एवं इंडियन आइडल फेम कलाकार मधुरिमा बासु द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई, जिसका उपस्थित ग्रामीणों एवं दर्शकों ने भरपूर आनंद उठाया। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता  अनुग्रह नारायण सिंह द्वारा स्वागत अभिभाषण प्रस्तुत करते हुए गजना मंदिर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि गजना महोत्सव हमारी समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।


जिला पदाधिकारी  अभिलाषा शर्मा ने अपने संबोधन में उपस्थित अतिथियों एवं आमजनों का स्वागत करते हुए कहा कि गजना धाम की इस पावन धरती पर उपस्थित होकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता एवं गौरव की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि गजना महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी आस्था, परंपराओं, लोक संस्कृति एवं समृद्ध विरासत को सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि नवीनगर प्रखंड में बिहार-झारखंड की सीमा के निकट अवस्थित गजना धाम का विशिष्ट धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। यह बिहार एवं झारखंड के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां का प्राकृतिक परिवेश, स्थानीय लोकविश्वास एवं ऐतिहासिक स्मृतियां इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं। यह स्थल प्रकृति, आध्यात्मिकता एवं लोकजीवन के सुंदर समन्वय का प्रतीक है।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की वास्तविक पहचान केवल उसके भौतिक विकास से नहीं, बल्कि उसकी सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण से भी निर्मित होती है। औरंगाबाद जिला इस दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। गजना धाम जैसे स्थल हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान के महत्वपूर्ण आधार हैं। गजना महोत्सव का आयोजन इसी विरासत को व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव के माध्यम से गजना धाम की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही स्थानीय कलाकारों, छात्र-छात्राओं एवं प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी कला एवं प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है। गजना धाम को धार्मिक आस्था के केंद्र के साथ-साथ औरंगाबाद की सांस्कृतिक एवं पर्यटन पहचान के महत्वपूर्ण स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।


जिला पदाधिकारी ने पर्यटन विभाग बिहार सरकार द्वारा गजना धाम मंदिर के विकास एवं सौंदर्याकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि परियोजना के अंतर्गत मंदिर परिसर में इंटीग्रेटेड भवन की पेंटिंग का कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त प्रवेश द्वार एवं स्टेज निर्माण का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है। इस पूरी परियोजना की भौतिक प्रगति 65 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि गजना धाम मंदिर को एक प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आस्था के केंद्र के साथ-साथ पर्यटन के महत्वपूर्ण स्थल के रूप में विकसित किया जाए। मंदिर परिसर का सुनियोजित विकास एवं सौंदर्याकरण पूर्ण होने के पश्चात श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा औरंगाबाद जिले को पर्यटन के मानचित्र पर विशिष्ट पहचान मिलेगी।


अपने संबोधन के अंत में जिला पदाधिकारी ने कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार, गजना धाम न्यास समिति, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों एवं कर्मियों, कलाकारों तथा महोत्सव को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह दो दिवसीय महोत्सव जिले की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने, स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा गजना धाम की धार्मिक एवं पर्यटन संबंधी संभावनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विधान पार्षद दिलीप कुमार सिंह ने अपने संबोधन में गजना महोत्सव के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज के लोगों को एक मंच पर एकत्रित करने तथा सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था एवं भक्ति भावना को जागृत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि गजना महोत्सव जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता को भी बढ़ावा देते हैं। उन्होंने जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जिले में प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। विशेष रूप से सदर अस्पताल औरंगाबाद में सिजेरियन ऑपरेशन की संख्या में हुई वृद्धि को उन्होंने महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि जहां अगस्त माह में लगभग 30 से 40 सिजेरियन ऑपरेशन हुए थे, वहीं अक्टूबर माह में यह संख्या बढ़कर लगभग 310 तक पहुंच गई है। इससे गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों को निजी अस्पतालों में होने वाले खर्च से राहत मिल रही है। 

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा योजनाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन संबंधित पदाधिकारियों की कार्यक्षमता एवं प्रतिबद्धता पर निर्भर करता है। इस दिशा में जिला प्रशासन का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने पुलिस प्रशासन द्वारा भी बेहतर कार्य किए जाने की प्रशंसा की।


 विधान पार्षद दिलीप कुमार सिंह ने स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल देते हुए कहा कि औरंगाबाद जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें उचित मंच एवं अवसर उपलब्ध कराने की है। उन्होंने सुझाव दिया कि महोत्सव में बाहरी कलाकारों के के स्थान पर स्थानीय कलाकारों को भी पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि जिले की प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का मंच मिल सके। इससे स्थानीय कलाकारों का उत्साहवर्धन होगा और क्षेत्र के अधिकाधिक लोग भी महोत्सव से जुड़ेंगे। कुटुंबा विधायक ललन राम उर्फ ललन भुइंया एवं पूर्व विधायक‌ विजय कुमार सिंह उर्फ डब्लू सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने संबोधन में गजना धाम के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने नवीनगर क्षेत्र के समग्र विकास तथा स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। इस दौरान गजना धाम में श्रद्धालुओं एवं आमजनों की सुविधा के लिए शौचालय निर्माण एवं बेहतर स्वच्छता व्यवस्था, गजना धाम को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क के सुदृढ़ीकरण तथा क्षेत्र में हाईमास्ट लाइट की व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। 

जनप्रतिनिधियों ने इन आधारभूत सुविधाओं के विकास को श्रद्धालुओं की सुविधा एवं क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक बताया।

कार्यक्रम के अंत में जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी कुमार पप्पू राज द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसके साथ महोत्सव के उद्घाटन सत्र का समापन हुआ।


इस अवसर पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, वरीय उपसमाहर्ता रितेश कुमार यादव एवं बेबी प्रिया, जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश, प्रखंड विकास पदाधिकारी नवीनगर, अंचल अधिकारी नवीनगर, गजना धाम महंत अवध बिहारी दास, नवीनगर प्रमुख चित्रा देवी, उपप्रमुख लव सिंह सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, जिला स्तरीय पदाधिकारी, कर्मी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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