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​समर्थ पोर्टल से पारदर्शी होगी मगध विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली:-कुलपति ​बोधगयाजी.

 


संपादक डॉ मदन मोहन मिश्र की रिपोर्ट।



ATH NEWS 11 GROUP :-मगध विश्वविद्यालय के गणित विभाग के सभागार में समर्थ पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो॰ एस.पी. शाही की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, अंगीभूत व संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य और नोडल पदाधिकारी शामिल हुए। ​बैठक में समर्थ पोर्टल की उपयोगिता और बिहार सरकार द्वारा इसे सभी विश्वविद्यालयों में लागू किए जाने के उद्देश्यों पर विस्तृत चर्चा हुई। कुलपति प्रो॰ एस.पी. शाही ने बताया कि समर्थ पोर्टल उच्च शिक्षा संस्थानों के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों को डिजिटल व पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

​9 मॉड्यूल पहले से सक्रिय विश्वविद्यालय में पेरोल, सैलरी, पेंशन, आरटीआई और फ्लीट मैनेजमेंट जैसे 9 मॉड्यूल सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं।

​नामांकन प्रक्रिया होगी ऑनलाइन वर्ष 2026 से नामांकन से जुड़ा 10वां मॉड्यूल पूर्णत समर्थ पोर्टल के माध्यम से संचालित किया जाएगा। ​कुल 44 मॉड्यूल होने हैं लागू विश्वविद्यालय में चरणबद्ध तरीके से कुल 44 मॉड्यूल्स को सक्रिय किया जाना है।

​कुलपति ने कहा कि इस व्यवस्था से विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुगम बनेगी। इससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को विभिन्न सेवाओं का लाभ ऑनलाइन और समयबद्ध तरीके से मिल सकेगा। उन्होंने सभी प्राचार्यों और अधिकारियों से इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने के लिए अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने का आह्वान किया।




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 ​एनईपी-2020 भारतीय शिक्षा को वैश्विक स्तर पर लाने की सार्थक पहल, भारतीय ज्ञान परंपरा की ओर लौटने की जरूरत प्रो. आतिश पराशर।





​बोधगया। मगध विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर समाजशास्त्र विभाग में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुक्रवार को सफल समापन हो गया। 'नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशनल प्लानिंग एंड एडमिनिस्ट्रेशन' (NIEPA), नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित इस संगोष्ठी के दूसरे दिन कुल पांच तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें 102 प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। इसके पश्चात दोपहर में समापन सत्र का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. बी.के. मंगलम की अध्यक्षता में हुआ। ​समापन सत्र को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित करते हुए दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUB), गया के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के प्रोफेसर व पूर्व छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो. आतिश पराशर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 एक समावेशी नीति है। यह भारत की शिक्षा प्रणाली को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के समक्ष लाने की दिशा में एक सार्थक पहल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके लिए हमें अपनी भारतीय ज्ञान प्रणाली की ओर लौटने की आवश्यकता है और भारतीय ज्ञान परंपराओं के भीतर समाहित ज्ञान को वर्तमान के परिप्रेक्ष्य में दोबारा देखना होगा। ​कोई भी नीतिआदर्श होती है, लेकिन धरातल की वास्तविकताओं और नीति के आदर्शों के बीच जो अंतर उभर कर आता है, वही उस नीति की असली चुनौतियाँ होती हैं।

डॉ. बी.के. मंगलम, कुलसचिव 

​इससे पूर्व संगोष्ठी का औपचारिक उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष सह संगोष्ठी के संयोजक प्रोफेसर दीपक कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। वहीं, आयोजन सचिव डॉ. चांदनी रोशन ने दो दिवसीय संगोष्ठी का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। मंच का कुशल संचालन डॉ. अनन्या स्वराज द्वारा किया गया।

​ये रहे उपस्थित

समापन सत्र के अंत में धन्यवाद ज्ञापन मगध विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रोफेसर प्रमोद कुमार चौधरी ने किया। इस अवसर पर राजनीति विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो. अंजनी घोष, इतिहास विभाग के प्रो. मुकेश कुमार, डॉ. अविनाश कुमार, डॉ. प्रियम शर्मा, डॉ. वंदना कुमारी, डॉ. कविता कुमारी, श्री राहुल सिंह, डॉ. प्रीति चंदन, डॉ. किशोर कुमार, डॉ. कुमारी रती, डॉ. रघुवंश सिन्हा सहित विभिन्न संकायों के संकायाध्यक्ष, शिक्षक, शोधार्थी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।



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मगध विश्वविद्यालय में NSPC पोस्टर का विमोचन: पर्यावरण संरक्षण के लिए 'हरित आदतों' को अपनाने पर ज़ोर।






​बोधगया।जी मगध विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान (Zoology) एवं बायोटेक्नोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वाधान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 'नेशनल स्टूडेंट्स पर्यावरण कंपटीशन' (NSPC) के पोस्टर का भव्य विमोचन हुआ। यह आयोजन शैक्षणिक सत्र 2024-26 के विद्यार्थियों के स्वागत एवं विदाई समारोह के अवसर पर किया गया, जिसकी शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुई। समारोह में आए अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र प्रदान कर किया गया। ​युवाओं से पर्यावरण अभियान से जुड़ने की अपील ​कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित दक्षिण बिहार के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के युवा शक्ति सह-प्रमुख एवं हरित विस्तारक प्रिंस कुमार ने NSPC की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि ​यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर पर 15 जुलाई से 15 सितंबर तक आयोजित की जाएगी।

​इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के बीच पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना है।​उन्होंने युवाओं से इस राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा बनने का पुरजोर आह्वान किया।

​वैश्विक संकट है पर्यावरण ह्रास: डॉ. दिलीप केशरी ​बायोटेक्नोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. दिलीप केशरी ने अपने संबोधन में पर्यावरण को हो रहे नुकसान को एक गंभीर वैश्विक संकट बताया। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा, हमें अपने दैनिक जीवन की आदतों में बदलाव लाने की तत्काल आवश्यकता है। अधिक से अधिक पेड़ लगाना, जल संचयन करना और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का पूर्ण त्याग करना ही धरती को बचाने का एकमात्र मार्ग है। ​उन्होंने 'हरित घर' ग्रीन होमस की अवधारणा पर बल दिया और शोधार्थियों को नवाचार (Innovation) व समाजोपयोगी विज्ञान की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

​जैव विविधता और हरित उद्यमिता पर चर्चा ​जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. रेशमा यास्मीन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ प्रोफेसर और विद्वान शामिल हुए। इस मौके पर डॉ. पूनम कुमारी, डॉ. एल. के. तरुण, डॉ. सरफराज, डॉ. अदिति और डॉ. आभा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

​सभी वक्ताओं ने एक सुर में माना कि जैव विविधता का संवर्धन और हरित उद्यमिता ग्रीन Entrepreneurshipही भविष्य की चुनौतियों का सबसे प्रभावी समाधान है। कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली और पर्यावरण का 'प्रतीकात्मक दीप' जलाकर प्रकृति की रक्षा का संदेश दिया।

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