गढ़वा ब्यूरो चीफ डॉ श्रवण कुमार की रिपोर्ट।
एटीएच न्यूज़ 11:- गढ़वा जिले के कांडी प्रखण्ड क्षेत्र में मंगलवार को लोक आस्था के महापर्व चैती छठ के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य के अवसर पर प्रखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सतबहिनी झरना तीर्थ एवं प्रखंड मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक पोखरा में बने टेंपल इन वाटर (सूर्य मंदिर) के अलावे सोन व कोयल नदी के तट के समीप सैकड़ों व्रतियों ने कठिन तपस्या के साथ अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। व्रतियों ने मनोरम झरना एवं पवित्र जलाशयों में स्नान कर श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान भास्कर की उपासना की।
सतबहिनी झरना तीर्थ में तीर्थ पुजारी पंडित नीतीश पाठक एवं पंडित प्रवीण पांडेय के नेतृत्व में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच व्रतियों को सूर्याभिमुख खड़े होकर दूध एवं जल से अर्घ्य दिलाया गया। “एहि सूर्य सहस्रांशो तेजोराशि जगत्पते...” मंत्र के उच्चारण से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। अर्घ्य के बाद व्रतियों ने थाल पर बैठकर भगवान सूर्य और छठी मैया को समर्पित पारंपरिक गीत गाए।
इससे पूर्व व्रतियों ने सतबहिनी तीर्थ स्थित नौ मंदिरों में दर्शन-पूजन किया।
मौके पर मां सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति के सदस्यों द्वारा छठ घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों में कई दिनों से सफाई व्यवस्था की गई थी। कठिन तपस्या के कारण कार्तिक छठ की तुलना में संख्या कम रही, फिर भी सोन एवं कोयल नदी सहित विभिन्न जलाशयों पर सैकड़ों व्रतियों ने आस्था के साथ व्रत किया।

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